पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा से बड़ी खबर सामने आई है। सदर अस्पताल में गंभीर लापरवाही हुई है। पांच बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाया गया था। ये सभी बच्चे थैलेसीमिया से पीड़ित थे। इलाज के दौरान उन्हें रक्त दिया गया। बाद में जांच में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोगों ने नाराजगी जताई। स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठे। मामला सुर्खियों में आ गया।
यह घटना 17 अक्टूबर 2025 की है। उस दिन बच्चों का इलाज चल रहा था। रक्त चढ़ाने के बाद उनकी स्थिति पर नजर रखी गई। बाद में रिपोर्ट में संक्रमण की बात सामने आई। इससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामले ने राज्य स्तर पर ध्यान खींचा। लोगों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन पर दबाव बढ़ा। स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे। सरकार की आलोचना भी हुई।
हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया। कोर्ट के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज हुई। आरोपी लैब टेक्नीशियन को गिरफ्तार किया गया। उसका नाम मनोज कुमार है। वह लंबे समय से फरार था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। जांच में लापरवाही की पुष्टि हुई है। स्क्रीनिंग प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आगे और कार्रवाई संभव है।


