पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। भादुआ गांव में देर रात हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया। जानकारी के अनुसार पांच हाथियों का झुंड श्मशान घाट के रास्ते गांव के खेतों तक पहुंच गया। खेतों में खड़ी धान की लहलहाती फसल को हाथियों ने रौंदकर नष्ट कर दिया। इस घटना से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। गांव में हाथियों के आने की खबर मिलते ही लोगों में दहशत फैल गई। कई ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलकर स्थिति देखने लगे। कुछ लोग खेतों की ओर भी पहुंचे। ग्रामीणों ने एकजुट होकर हाथियों को भगाने की कोशिश की। गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए पटाखे फोड़े और मशाल जलाकर हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया। कई लोग पूरी रात खेतों के आसपास निगरानी करते रहे। किसानों का कहना है कि यह हाथियों का झुंड कई दिनों से इलाके में घूम रहा है। इससे लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। कई परिवार रात में जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। फसलों के नुकसान से किसानों की मेहनत पर असर पड़ा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि हाथियों की आवाजाही से रोज डर का माहौल बना रहता है। बच्चे और बुजुर्ग भी डरे हुए हैं। गांव में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से जानकारी ली। विभाग ने बताया कि हाथियों को फिलहाल लोधासूली जंगल की ओर खदेड़ दिया गया है। वन कर्मियों ने इलाके में गश्त भी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह झुंड भ्रमणशील है। इसके दोबारा इलाके में लौटने की संभावना बनी हुई है। विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हाथी दिखने पर तुरंत सूचना देने को कहा गया है। वन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। प्रशासन ने किसानों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है।



