नरेश मलहोत्रा के साथ हुई साइबर ठगी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। याचिका में बताया गया कि अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया। फर्जी एनआईए और कोर्ट आदेश भेजे गए। इससे पीड़ित मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया।
अपराधियों ने पहले छोटी रकम ट्रांसफर करवाई। फिर शेयर बेचने के लिए दबाव डाला गया। अलग-अलग बैंकों में रकम भेजवाई गई। कुल मिलाकर 22.93 करोड़ रुपये की ठगी हुई।
अब सुप्रीम कोर्ट इस पूरे नेटवर्क की जांच चाहता है। डिजिटल ठगी रोकने के लिए नीति बनाने की मांग की गई है।



