ईडी की जांच ने शराब नीति में बड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया है। 2019 से 2023 तक सुनियोजित तरीके से गड़बड़ी की गई। एक आपराधिक सिंडिकेट ने पूरे सिस्टम को अपने कब्जे में लिया। नीति का फायदा उठाकर अवैध कमाई की गई। यह घोटाला वर्षों तक दबा रहा।
जांच एजेंसी के अनुसार बिना हिसाब की शराब बेची गई। अवैध कमीशन के जरिए मोटी रकम वसूली गई। यह पैसा अलग-अलग माध्यमों से खपाया गया। सरकारी विभागों के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। इससे शासन व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ईडी ने कहा कि यह केवल आर्थिक अपराध नहीं है। यह जनता के भरोसे के साथ धोखा है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत चार्जशीट दाखिल की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


