Ranchi : झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार मृत विचाराधीन बंदी बिशुलाल हेम्ब्रम की पत्नी हीरामती हांसदा को चार लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय मानवाधिकार आयोग के वाद संख्या 1394/34/3/2021-JCD के आधार पर लिया गया है, जिसमें आयोग ने मुआवजा दिए जाने की अनुशंसा की थी।
सरकारी पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में राशि भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस राशि की निकासी जिला कोषागार, देवघर से की जाएगी और इसके लिए जिला उपायुक्त, देवघर को व्ययन पदाधिकारी नामित किया गया है। सूचना के अनुसार मुआवजे को आंतरिक वित्तीय सलाहकार द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है, जिसके बाद विभाग ने इसका औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
बिशुलाल हेम्ब्रम एक विचाराधीन बंदी थे जिनकी मृत्यु हिरासत के दौरान हुई थी। ऐसी घटनाओं में मानवाधिकार आयोग मृतक के परिजनों को न्याय और सहायता सुनिश्चित करने की सिफारिश करता है। सरकार का यह कदम ऐसी संवेदनशील घटनाओं में जवाबदेही और मानवाधिकार संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।



