पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते कैसे आ रही है डुप्लीकेट जिगाना? गैंगस्टरों की डिमांड से 3 लाख की पिस्टल के दाम ‘डबल’
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह पाकिस्तान से नेपात के रास्ते जिगाना पिस्तौलों की तस्करी करता था। इस तस्करी में उसे बुलंदशहर में एक गिरोह से मदद मिलती थी। तुर्किये में बनने वाली यह वही पिस्टल है जिसने प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की जान ली। इसी पिस्टल से पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई। यह पिस्टल भारत में बैन है। गैंगस्टरों के बीच इस पिस्टल की जोरदार मांग है। तुर्किये की इन पिस्टल की हूबहू कॉपी पाकिस्तान में बन रही है। पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते इनकी सप्लाई भारत तक होती है। नौबत यह है कि 3-4 लाख रुपये की कॉपी पिस्टल 7-8 लाख रुपये में बिक रही है। चार महीने पहले हमारे सहयोगी अखबार TOI ने एक रिपोर्ट दी थी। इसमें उसने बताया था कि जिगाना पिस्तौल की कॉपियों की पहली खेप पाकिस्तान से दिल्ली और अन्य राज्यों में पहुंच सकती हैं।
इस नेटवर्क का इस्तेमाल लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट की ओर से हथियार खरीदने के लिए भी किया जा रहा था। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इसी पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था। दिल्ली पुलिस सेल ने तुर्किये की जिगाना, अमेरिकी बेरेटा और स्लोवाकियाई पिस्तौल सहित एक दर्जन अत्याधुनिक पिस्तौल की कॉपिया जब्त की हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली निवासी और सरगना अदनान हुसैन अंसारी भी शामिल है। अंसारी हजरत निजामुद्दीन में एक ढाबा चलाता है। विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने कहा, ‘दूसरे आरोपी व्यक्ति की पहचान बुलंदशहर के मोहम्मद ओवैस के रूप में हुई है। वह एक पेशेवर ड्राइवर है। हथियारों की तस्करी के लिए अपनाए जाने वाले रास्तों से वह वाकिफ है। वह पहले बहरीन में रहता था। तीसरा संदिग्ध अफरोज कूरियर का काम करता है।’
आपराधिक गिरोहों में बनी पहुंच
18-19 अप्रैल को टीओआई ने बताया था कि कैसे इन कॉपियों ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान के आपराधिक गिरोहों तक अपनी पहुंच बना ली है। यहां तक कि इन पिस्टल का इस्तेमाल प्रतिद्वंद्वियों की ओर से प्रयागराज में माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या में भी किया गया था।
पुलिस ने कहा कि अंसारी दुबई में रहने वाले अपने मामा अनवर कमाल की मदद से ऑपरेट करता था। पाकिस्तान में कमाल के रिश्तेदार खैबर पख्तूनख्वा में हथियार निर्माताओं के साथ काम करते थे। मूसेवाला हत्याकांड में दिसंबर 2022 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शाहबाज अंसारी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ओवैस ने यूपी मॉड्यूल को संभाल लिया था।
अतिरिक्त आयुक्त (स्पेशल सेल) प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक, अंसारी ने दुबई में अपने मामा से संपर्क किया और हथियारों का ऑर्डर दिया। कुशवाहा ने कहा, ‘यह ऑर्डर सिंडिकेट के पाकिस्तान में बैठे मेंबरों को पहुंचाया गया। फिर उन्होंने हथियारों की सप्लाई का बंदोबस्त किया। एक बंद लोहे के बक्से में नेपाल में इन हथियारों को भेजा गया।’




