रेलवे बोर्ड ने सभी ज़ोनल रेलवे को अगले 20 दिनों के लिए शीतकालीन सुरक्षा निरीक्षण लागू करने के लिए कहा है। इस अभियान का मुख्य केंद्र AC कोचों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है, क्योंकि जाड़े में बिजली से जुड़ी खामियां बढ़ने की संभावना होती है।
अधिकारियों को विशेष रूप से AC कोचों के तापमान को नियमित करने के प्रोटोकॉल की समीक्षा करने की सलाह दी गई है। निरीक्षण के दौरान फ्यूज़, एमसीबी और MPCBs की सही रेटिंग को जांचना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, कोचों में किसी भी तरह के ‘अर्थ लीकेज’ को रोकने और मैनुअल हीटर के अवैध इस्तेमाल पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। रेलवे का उद्देश्य तकनीकी कमियों को समय रहते दूर करना है ताकि परिचालन सुरक्षित बना रहे और यात्रियों को आरामदायक यात्रा मिल सके।
यह 20 दिवसीय अभियान नवंबर की शुरुआत तक चलेगा, और इसके संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। कोहरे के मौसम में केवल कोचों की जांच ही नहीं, बल्कि ट्रैक सुरक्षा उपायों और सिग्नलिंग उपकरणों के सही संचालन पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रेलवे ने सभी संबंधित कर्मचारियों को शीतकालीन सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने और नियमित निरीक्षण करने के लिए कहा है।



