तमिलनाडु ने टीईटी फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका.
चेन्नई, तमिलनाडु: तमिलनाडु सरकार ने सेवारत शिक्षकों (In-Service Teachers) के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य करने वाले सुप्रीम कोर्ट (SC) के फैसले के खिलाफ एक समीक्षा याचिका (Review Plea) दायर की है।
राज्य सरकार चाहती है कि सर्वोच्च न्यायालय अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करे, जिससे हजारों शिक्षकों के भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है।
यह समीक्षा याचिका अधिवक्ता सबरीश सुब्रमण्यम द्वारा दायर की गई है और वरिष्ठ अधिवक्ता पी. विल्सन द्वारा इसका अनुमोदन किया गया है। राज्य सरकार का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अनुभवी शिक्षकों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा, जिनकी सेवाएँ वर्षों से संतोषजनक रही हैं। सरकार का पक्ष है कि सेवाकाल और अनुभव को भी टीईटी की अनिवार्यता के संदर्भ में ध्यान में रखा जाना चाहिए।
इस याचिका के माध्यम से, तमिलनाडु सरकार चाहती है कि टीईटी की अनिवार्यता से सेवारत शिक्षकों को छूट दी जाए या इस फैसले को केवल नए शिक्षकों पर लागू किया जाए। इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है, जिसका असर राज्य के शिक्षा क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है।


