Uncategorized

छिपकर गोलियां बरसा रहे थे कायर आतंकी, कर्नल-मेजर और DSP ने जान दे दी पर पीछे नहीं हटे

जम्‍मू कश्‍मीर के अनंतनाग जिले का कोकरनाग इलाका। बुधवार को सूचना मिली कि यहां के गडूल गांव में दो से तीन आतंकवादी देखे गए हैं। इनपुट आते ही 19 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स और जम्मू कश्मीर पुलिस की टीम पहुंच गई। इलाके को घेर लिया गया। टीम की कमान 19 RR के कर्नल मनप्रीत सिंह संभाले हुए थे। सेना मेडल से सम्मानित कर्नल सिंह ने पाया कि आतंकी पेड़ों के पीछे छिपे हैं। अचानक ही आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। कर्नल के साथ मेजर आशीष धौंचक और J&K पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट निशाने पर थे। गोलियों की बौछार के बीच उन्होंने पूरी बहादुरी से दुश्मनों का मुकाबला किया। बदन में कई गोलियां धंस चुकी थीं मगर आतंकियों पर फायरिंग जारी रखी। मोर्चा संभाले हुए तीनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मिलिट्री अस्पताल में तीनों ने अंतिम सांस ली। देश अपने तीन बहादुर अफसरों को खोकर शोक में डूब गया है।

अनंतनाग एनकाउंटर में सर्वस्व बलिदान करने वाले वीरों को जानिए

अनंतनाग एनकाउंटर में सर्वस्व बलिदान करने वाले वीरों को जानिए
  • कर्नल सिंह ने अपने जिंदगी के लगभग 17 साल सेना को समर्पित किए थे। वह केवल चार महीनों में राष्ट्रीय राइफल्स के साथ अपना कार्यकाल पूरा करने के कगार पर थे। इसके बाद, सिंह को किसी शांति वाली जगह पर तैनात किए जाने की उम्मीद थी। सिंह 12वीं सिख लाइट इन्फैंट्री से संबंधित थे, जबकि मेजर धोंचक की मूल इकाई 15वीं सिख LI थी। मूल रूप से न्यू चंडीगढ़ में मुल्लांपुर के पास भरोन जियान के रहने वाले कर्नल का परिवार डीएलएफ, न्यू चंडीगढ़ में रहता था। उनके परिवार में उनकी पत्नी जगमीत ग्रेवाल, जो हरियाणा में अर्थशास्त्र की लेक्चरर हैं, और उनके दो बच्चे – एक छह साल का बेटा और एक दो साल की बेटी हैं। उनके पिता सेना में नायक थे।
  • हरियाणा के पानीपत जिले से आने वाले मेजर आशीष धोंचक को भी सेना पदक मिल चुका था। उनके पैतृक गांव का नाम बिंझौल है। तीन बहनों के इकलौते भाई, आशीष की शहादत से पूरे गांव में मातम पसरा है। आशीष छह महीने पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। उनका परिवार नए घर में प्रवेश करने वाला था मगर यह खबर आ गई।
  • जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के डीएसपी भट्ट के परिवार में उनकी पत्नी और 26 दिन का बेटा है। उनकी शादी पिछले साल ही हुई थी। वह पूर्व डीआइजी गुलाम हसन भट्ट के बेटे थे और मूल रूप से पुलवामा जिले के त्राल के रहने वाले थे। परिवार अब श्रीनगर हवाई अड्डे के पास हुमहामा में वीआईपी कॉलोनी में रहता है।​

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button