यह सम्मेलन “क्या जलवायु कार्रवाई का भविष्य उप-राष्ट्रीय है?” विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें भारत, अमेरिका, इंडोनेशिया और वैश्विक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन लंदन में चल रहे ‘क्लाइमेट एक्शन वीक’ का हिस्सा था।
महुआ माजी ने झारखंड के परिप्रेक्ष्य से स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन न्यूट्रलिटी, और स्थानीय सरकार की हरित पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने जलवायु संकट को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत किया। सम्मेलन में ऊर्जा संक्रमण, सतत विकास, और जलवायु न्याय जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई।
महुआ माजी के अनुसार, ग्लोबल साउथ में ऊर्जा परिवर्तन तभी संभव है जब स्थानीय स्तर पर भागीदारी और नीतिगत साहस हो। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज राज्य को जलवायु समाधान का केंद्र बनाना आवश्यक है। यह प्रयास राज्य से वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक कदम है।


