छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है, जहां एक मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी विचारक और रणनीतिकार सुधाकर को मार गिराया गया है। सुधाकर, जिसे गौतम के नाम से भी जाना जाता था, माओवादियों की केंद्रीय समिति का सदस्य होने के साथ-साथ मध्य भारत में माओवादी आंदोलन के प्रमुख विचारकों में से एक माना जाता था। उसकी मौत को नक्सलवाद के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
सुधाकर लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था और उस पर 40 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह न केवल माओवादी कैडरों को वैचारिक रूप से प्रेरित करता था, बल्कि संगठन की रणनीतिक योजनाओं को बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। उसकी मौत से माओवादी नेतृत्व में एक बड़ा शून्य पैदा होगा और उनकी संगठनात्मक क्षमताओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए इस सफल अभियान से राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों को और गति मिलेगी। यह घटना सरकार की माओवाद को जड़ से खत्म करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और भविष्य में और अधिक सफल अभियानों की उम्मीद जगाती है।


