एक नए अध्ययन ने यह खुलासा किया है कि राज्य के लगभग सभी जिले जलवायु परिवर्तन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं, जिससे यहां के पारिस्थितिकी तंत्र और जनजीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।
केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के 24 में से 23 जिले जलवायु परिवर्तन के संवेदनशील और अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में आते हैं, जिसमें केवल रामगढ़ जिला ही अपवाद है। इसका मतलब है कि राज्य का एक बड़ा हिस्सा बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा पैटर्न, सूखे और बाढ़ जैसी चरम मौसमी घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील है। ये बदलाव कृषि, जल संसाधनों और जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं, जिससे ग्रामीण समुदायों की आजीविका पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
राज्य सरकार और विभिन्न संगठन इन चुनौतियों से निपटने के लिए कदम उठा रहे हैं, जिसमें जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियों का विकास और जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। हालांकि, इस गंभीर मुद्दे से प्रभावी ढंग से निपटने और राज्य के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दीर्घकालिक और व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है।


