कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह पूरा मामला चुपचाप और बिना पारदर्शिता के आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे कई संदेह पैदा हो रहे हैं।
जयराम रमेश ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि दिल्ली चिड़ियाघर सीधे केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत आता है, और अब इसके संचालन को बेहतर करने के नाम पर गुजरात सरकार और वंतारा के साथ समझौता किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इस तरह का निजीकरण गुपचुप तरीके से क्यों किया जा रहा है?
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह केवल तकनीकी सहयोग है या चिड़ियाघर को चरणबद्ध तरीके से निजी संस्थान को सौंपने की योजना है। पार्टी ने इस पूरे समझौते में पारदर्शिता और सार्वजनिक विमर्श की मांग की है ताकि देश की जैव विविधता और सार्वजनिक संसाधनों की रक्षा हो सके।


