मुजफ्फरपुर केस: पीड़िता की मौत पर डॉक्टर सस्पेंड।
बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के दो शीर्ष डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई है जिसमें आरोप है कि मुजफ्फरपुर की एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को पटना के एक सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए कई घंटों तक एंबुलेंस में इंतजार करना पड़ा था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच), मुजफ्फरपुर की अधीक्षक डॉ. कुमारी विभा ने रेफरल नीति का ठीक से पालन नहीं किया और अपने कर्तव्य का उचित निर्वहन नहीं किया। आदेश में यह भी कहा गया है कि अस्पताल प्रशासन ने इस मामले को संवेदनशीलता के साथ नहीं संभाला। इसी तरह, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) के प्रभारी उपाधीक्षक अभिजीत सिंह को भी उनके पद से हटा दिया गया है, जहां रविवार को नाबालिग लड़की की मौत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के 3 जून, 2025 के आदेश में कहा गया है कि उन्होंने मामले को ठीक से नहीं संभाला, जो उनकी “प्रशासनिक विफलता” को दर्शाता है।
इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है, और विपक्ष ने सरकार पर स्वास्थ्य प्रणाली की लापरवाही और खराब व्यवस्था का आरोप लगाया है। सरकार ने इस मामले में जांच कमेटी का गठन किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



