बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय पीठ ने 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध अपराधों के मामले में जमात-ए-इस्लामी के वरिष्ठ नेता एटीएम अजहरुल इस्लाम को बरी करने का फैसला सुनाया। इससे पहले, अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी, जिसे अब शीर्ष अदालत ने पलट दिया है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि निचली अदालत ने सबूतों का उचित मूल्यांकन किए बिना मौत की सजा सुनाई थी, जिसके कारण यह “अनुचित फैसला” था। अदालत ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि एटीएम अजहरुल इस्लाम किसी अन्य मामले में गिरफ्तार नहीं हैं, तो उन्हें तुरंत रिहा कर दिया जाए।
जमात-ए-इस्लामी के 73 वर्षीय नेता को 1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता का विरोध करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें नरसंहार, हत्या और बलात्कार सहित कई आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को बांग्लादेश के राजनीतिक और कानूनी हलकों में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है।


