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बजट 2025: एमएसएमई सेक्टर को मिला बड़ा बढ़ावा, क्रेडिट गारंटी कवर और नया फंड ऑफ फंड्स.
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2025 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बड़ा बढ़ावा मिला है।
सरकार ने एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को बढ़ा दिया है और एक नया फंड ऑफ फंड्स भी शुरू किया है। इसके अलावा, पहली बार एससी और एसटी महिला उद्यमियों के लिए एक नई योजना भी शुरू की गई है।
क्या हैं प्रमुख घोषणाएं?
- क्रेडिट गारंटी कवर में बढ़ोतरी: एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे अगले पांच वर्षों में 1.5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त क्रेडिट उपलब्ध होगा।
- स्टार्टअप्स के लिए गारंटी कवर: स्टार्टअप्स के लिए गारंटी कवर को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही, 27 फोकस क्षेत्रों में ऋणों के लिए गारंटी शुल्क को घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया है।
- माइक्रो उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड: उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत माइक्रो उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये की सीमा के साथ कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड शुरू किए जाएंगे। पहले वर्ष में 10 लाख ऐसे कार्ड जारी किए जाएंगे।
- नया फंड ऑफ फंड्स: स्टार्टअप्स के लिए वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) को 91,000 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिबद्धताएं मिली हैं और इनका समर्थन भारत सरकार के 10,000 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स द्वारा किया जाता है। अब, एक नए फंड ऑफ फंड्स को 10,000 करोड़ रुपये के ताजा योगदान के साथ विस्तारित दायरे के साथ स्थापित किया जाएगा।
- एससी और एसटी महिला उद्यमियों के लिए नई योजना: पहली बार एससी और एसटी महिला उद्यमियों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत, अगले पांच वर्षों में ऐसी 5 लाख महिलाओं को 2 करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाएगा।
ये फैसले क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ये फैसले एमएसएमई सेक्टर को मजबूत बनाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद करेंगे। इससे देश में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।



