सूचना मिली थी कि वह वहां एक फर्जी नाम से इलाज करा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, 15 मई को पलामू के मनातू थाना क्षेत्र के होटवाग में पुलिस और टीएसपीसी के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें गौतम यादव को पेट में गोली लगी थी। इसके बाद वह अपने एक करीबी रिश्तेदार के साथ वाराणसी भाग गया और वहां मिथिलेश यादव के नाम से एक अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवा रहा था।
गौतम यादव पर पलामू और चतरा में एक दर्जन से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल रहने का आरोप है। पुलिस अब उसे वाराणसी की अदालत में पेश करेगी और फिर उसे पुलिस हिरासत में इलाज कराया जाएगा। सुधार होने के बाद उसे पलामू सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाएगा।



