जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गुप्त कक्ष को खोलने पर सांपों का डर.
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार के भीतरी गुप्त कक्ष को खोलने से पहले, मंदिर समिति कुशल सपेरे की तलाश कर रही है।
अफवाहों के अनुसार, भितरा भंडार में सर्प समूह कीमती वस्तुओं की रक्षा करते हैं।
2018 में, ओडिशा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और मंदिर अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने रत्न भंडार की स्थिति का निरीक्षण किया। बाहर, भीड़ और बचाव कर्मियों के बीच, दो सपेरे सहायता के लिए तैयार थे।
अब, 14 जुलाई को भितरा भंडार को खोलने से पहले, मंदिर समिति सरीसृपों के खतरे से चिंतित है और कुशल सपेरे की तलाश में है।
पूर्व मंदिर प्रशासक भास्कर मिश्रा ने सर्पों की उपस्थिति के दावों को खारिज किया है, जबकि 1985 में कक्ष में प्रवेश करने वाले रवींद्र नारायण मिश्रा ने भी कोई सांप नहीं देखा।
बहार भंडार (बाहरी कक्ष) में कीमती वस्तुएं होती हैं जिनका उपयोग अनुष्ठानों में किया जाता है, जबकि भितरा भंडार में भगवान जगन्नाथ की मूल्यवान वस्तुएं होती हैं।
निष्कर्ष
भितरा भंडार को खोलने के दौरान पर्याप्त सावधानियां बरतनी चाहिए। चाहे 14 जुलाई को सांप मिलें या न मिलें, महत्वपूर्ण यह है कि महाप्रभु की अनमोल वस्तुओं की गिनती सफल हो।



