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दिल्ली विधानसभा चुनाव: दलित बहुल क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, BJP का खास प्रचार अभियान.

नई दिल्ली: आगामी 5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दलित बहुल क्षेत्रों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए महीनों तक केंद्रित और संगठित प्रचार अभियान चलाया।

पार्टी नेताओं के अनुसार, यह प्रयास 2015 और 2020 के चुनावों में इन क्षेत्रों में हार की भरपाई करने का लक्ष्य रखता है। पिछले चुनावों में BJP दिल्ली की 12 आरक्षित (अनुसूचित जाति) सीटों में से एक भी जीतने में असफल रही थी। इन सीटों पर दलित मतदाताओं की संख्या 17% से 45% तक है। पार्टी का मानना है कि संगठित अभियान के जरिए इस बार बेहतर नतीजे मिल सकते हैं। पार्टी के दिल्ली SC मोर्चा के अध्यक्ष मोहन लाल गिहारा ने बताया कि वरिष्ठ SC कार्यकर्ताओं को “विस्तारक” के रूप में इन 30 सीटों पर तैनात किया गया। उन्होंने प्रत्येक मतदान केंद्र पर 10 दलित युवाओं को समुदाय के लोगों से संपर्क करने का काम सौंपा। BJP ने 5,600 से अधिक मतदान केंद्रों की पहचान की है, जिनमें से 1,900 केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। इस प्रक्रिया में 18,000 से अधिक सक्रिय कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार की उपलब्धियों और AAP के 10 साल के शासन की “कमियों” को मतदाताओं तक पहुंचाया। BJP ने झुग्गी बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों में भी विशेष अभियान चलाया। इन क्षेत्रों में पार्टी ने AAP के शासन को विफल बताते हुए, मोदी सरकार की योजनाओं जैसे उज्ज्वला योजना और आवास योजना को उजागर किया। मुख्य बिंदु: BJP ने 12 आरक्षित सीटों पर बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखा है। पिछले चुनावों में BJP इन सीटों पर हार चुकी है। SC बहुल इलाकों में विशेष प्रचार अभियान चलाया गया। “विस्तारक” कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया। प्रत्येक बूथ पर 10 दलित युवाओं को संपर्क अभियान में जोड़ा गया। 5,600 बूथों में से 1,900 पर विशेष फोकस किया गया। 18,000 कार्यकर्ताओं ने अभियान में भाग लिया। झुग्गी और अनधिकृत कॉलोनियों में भी प्रचार किया गया। मोदी सरकार की योजनाओं को प्रमुखता से उजागर किया गया। AAP के 10 साल के शासन को “विफल” बताया गया।

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