मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वैष्णव ने बताया कि ‘कवच वर्जन 5’, जिसका उद्देश्य ट्रेन सुरक्षा और दक्षता में सुधार करना है, सीबीटीसी यानी कम्युनिकेशन-बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “आज, हमें दो ट्रेनों के बीच 180 सेकंड का समय बनाए रखना होता है। अगर हम इसे 30 प्रतिशत कम कर देते हैं, तो इसका मतलब है कि हम 30 प्रतिशत अधिक ट्रेनें चला सकते हैं।”
मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क पर यात्रियों की मौत के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि उनका ध्यान बुनियादी ढांचे में सुधार, बेहतर तकनीक का उपयोग और बेहतर ट्रेनें प्रदान करने पर है। मंत्री ने बताया कि मुंबई के लिए 17,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें 238 नई वातानुकूलित लोकल ट्रेनों की खरीद भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि ‘कवच’ प्रणाली ट्रेनों को टक्कर से बचाने में मदद करेगी और इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह प्रणाली ड्राइवरों को सिग्नल की अनदेखी करने या अत्यधिक गति से चलने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लगाकर ट्रेनों को नियंत्रित कर सकती है।
वैष्णव ने यह भी कहा कि रेलवे मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘कवच वर्जन-5’ के लागू होने से मुंबई के लाखों उपनगरीय यात्रियों को काफी फायदा होगा।



