हाल ही में हुए कोयला ट्रांसपोर्टर विपिन मिश्रा पर हमले में ऑस्ट्रिया निर्मित पिस्टल का उपयोग होने से यह खुलासा हुआ है कि अमन साहू गिरोह के सदस्य विदेशों से हथियार खरीदकर रांची समेत अन्य स्थानों पर गोलीबारी और हत्या जैसी घटनाओं में शामिल हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्य विदेश में मौजूद अपने संपर्कों के माध्यम से अवैध हथियारों का सौदा करते हैं। इन हथियारों को फिर विभिन्न माध्यमों से भारत लाया जाता है और रांची सहित अन्य शहरों में वितरित किया जाता है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के सदस्य इन हथियारों का उपयोग रंगदारी वसूलने, विरोधियों को डराने-धमकाने और हत्या जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने के लिए कर रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी को गिरोह के विदेशी संपर्कों की पहचान करने और हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस गिरोह के सदस्यों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और संचार माध्यमों पर भी कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस इस मामले में इंटरपोल की मदद लेने पर भी विचार कर रही है ताकि विदेशों में मौजूद गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया जा सके। इस घटना के बाद रांची में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है और संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। गैंगस्टर अमन साहू का गिरोह रांची में कई वर्षों से सक्रिय है और रंगदारी, हत्या और जमीन हड़पने जैसे कई गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। पुलिस इस गिरोह को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।


