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दाऊद के करीबियों पर NIA के छापे

भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबियों पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी, यानी NIA ने रेड की है। मुंबई में कुल 20 ठिकानों ​​​​पर ​​​एक्शन जारी है। इसके दायरे में दाऊद का गुर्गा छोटा शकील, जावेद चिकना, टाइगर मेनन, इकबाल मिर्ची, दाऊद की बहन हसीना पारकर से जुड़े लोग और उसके रिश्तेदार शामिल हैं। टीम मुंबई के गोवा वाला कंपाउंड में रेड कर रही है। इसी जगह पर महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक का घर है। मलिक को दाऊद की बहन हसीना पारकर से जमीन खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।इधर, NIA ने दाउद गैंग के नजदीकी और छोटा शकील के साले सलीम फ्रूट को अरेस्ट किया है। टीम ने सलीम के ठिकानों पर भी छापा मारा और उसे पूछताछ के लिए ले जा रही है। NIA को किसी बड़े नेता पर हमले का शक है। यह कार्रवाई सीक्रेट रखी गई थी, इसलिए शुरुआत में छापे से जुड़े फोटो-वीडियो नहीं मिल सके थे।NIA ने बोरिवली, सांताक्रूज, बांद्रा, नागपाड़ा, भिंडी बाजार, गोरेगांव, परेल, मुंब्रा और कोल्हापुर के 20 ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस दौरान मुंबई में कुछ तस्करों, हवाला ऑपरेटर्स, रियल एस्टेट कारोबारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। अवैध वसूली से बड़ी रकम उगाहने और उसका इस्तेमाल देश विरोधी कामों में करने के मामले में यह कार्रवाई की जा रही है।

जानिए कौन है सलीम फ्रूट
सलीम फ्रूट छोटा शकील का साला है। शकील अपने गुर्गों के जरिए एक्सटॉर्शन रैकेट चलाता है। सलीम फ्रूट को 2006 में UAE से भारत डिपोर्ट गया था और 2010 से जेल में बंद है। उसे वहीं से अरेस्ट किया गया। सलीम फ्रूट के अलावा दाऊद इब्राहिम के साले सऊद युसुफ तुंगेकर, दाऊद के छोटे भाई इकबाल कासकरके साथी खालिद उस्मान शेख और दाऊद की दिवंगत बहन हसीना पारकर के बेटे आलीशान पारकर का बयान भी दर्ज किया जा सकता है।

फरवरी में D-कंपनी के खिलाफ केस दर्ज हुआ
फरवरी में गृह मंत्रालय के आदेश पर NIA ने दाऊद इब्राहिम, डी कंपनी के खिलाफ अवैध वसूली का केस दर्ज किया था, उस मामले में ही यह छापेमारी चल रही है। आरोप है कि ये लोग एक्सटॉर्शन मनी का इस्तेमाल देश विरोधी कामों में करते हैं। NIA ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, यानी UAPA के तहत केस दर्ज किया है। इन सबका कनेक्शन 1993 मुंबई ब्लास्ट के आरोपी और भगोड़े आतंकी दाऊद इब्राहिम से बताया जा रहा है।

टेरर फैलाने के लिए दाऊद ने बनाई स्पेशल गैंग
सूत्रों के मुताबिक, NIA की जांच में सामने आया है कि टेरर फंडिंग का इस्तेमाल कर दाऊद मुंबई में फिर से अंडरवर्ल्ड के नेटवर्क को खड़ा करने का काम कर रहा है। राजनेताओं, व्यापारियों और अन्य नामचीन हस्तियों पर हमला कर फिर से मुंबई समेत कई शहरों में आतंक फैलाना चाहता है। इसके लिए उसने एक विशेष गैंग की स्थापना भी की है। यही वजह है कि इस केस में NIA सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है।

महाराष्ट्र के कुछ मंत्रियों पर एक्शन की अटकलें
महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक दाऊद की बहन हसीना पारकर से जमीन खरीदने के मामले में जेल की सालों के पीछे कैद हैं। उन्हें ED ने गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ टेरर फंडिंग का आरोप जांच एजेंसी द्वारा लगाया गया है। BJP के नेता किरीट सोमैया महाविकास अघाड़ी के कई मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं, इसमें मंत्री अनिल परब का भी नाम शामिल हैं। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस केस के तार उनसे तो नहीं जुड़ रहे हैं।

दाऊद पर है 25 मिलियन का इनाम
1993 ब्लास्ट के सबसे बड़े आरोपी दाऊद के खिलाफ 25 मिलियन डॉलर का इनाम है। उसकी ‘डी कंपनी’ को संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने बैन आतंकी संगठन घोषित किया है। दाऊद को 2003 में UN ने ग्लोबल आतंकी माना था। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दाऊद साथियों के साथ पाकिस्तान में छिपा हुआ है। इसके पक्के सबूत मिले हैं। दाऊद 1993 में हुए बम धमाकों के बाद मुंबई छोड़कर भागा था। दिल्ली पुलिस ने उसका पिछला कॉल नवंबर 2016 में रिकॉर्ड किया था।

SOURCE-DAINIK BHASKAR

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