States

महिला दिवस 2025: कुत्तों की मसीहा रजनी शेट्टी की प्रेरणादायक कहानी.

मंगलुरु: महिला दिवस के अवसर पर, हम आपके लिए एक ऐसी महिला की कहानी लेकर आए हैं, जिन्होंने अपना जीवन बेसहारा कुत्तों की सेवा में समर्पित कर दिया है।

रजनी शेट्टी, जो मंगलुरु में सड़कों पर भटकते कुत्तों की देखभाल कर रही हैं, वे आज पशु प्रेमियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

मुख्य बिंदु:
रजनी शेट्टी पिछले 15 वर्षों से कुत्तों की सेवा कर रही हैं।
उन्होंने अब तक 1000 से अधिक बेसहारा कुत्तों को भोजन और आश्रय दिया है।
हर दिन अपने पैसे से कुत्तों के लिए खाना खरीदती हैं।
बीमार, घायल और लावारिस कुत्तों का इलाज भी करवाती हैं।
मंगलुरु की सड़कों पर दिन-रात घूमकर कुत्तों को खिलाती हैं।
रात में ठंड से बचाने के लिए उन्हें कपड़े और कंबल भी देती हैं।
अपने घर में 20 से ज्यादा कुत्तों को पालकर रखती हैं।
कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी का भी ध्यान रखती हैं।
सोशल मीडिया पर इनकी कहानी वायरल हो चुकी है।
कई पशु प्रेमी उनकी मदद के लिए आगे आए हैं।
महिला दिवस पर उन्हें स्थानीय प्रशासन ने सम्मानित किया।
रजनी कहती हैं कि कुत्ते भी प्यार और देखभाल के हकदार हैं।
उन्होंने अपनी जमा पूंजी और जीवन की बचत इन जानवरों पर खर्च कर दी।
लोग अब उन्हें ‘कुत्तों की मां’ कहकर पुकारते हैं।
कई एनजीओ उनकी इस पहल से प्रेरित हो रहे हैं।
उन्होंने कई कुत्तों को गोद लेने के लिए परिवार भी ढूंढे हैं।
रजनी का मानना है कि हर किसी को जानवरों के प्रति दयालु होना चाहिए।
उनकी इस सेवा को लोग सराह रहे हैं और योगदान भी दे रहे हैं।
महिला दिवस पर उनके संघर्ष और समर्पण को सलाम किया गया।
रजनी शेट्टी का सपना है कि बेसहारा कुत्तों के लिए एक बड़ा आश्रय बनाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button