दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 1.56 करोड़ मतदाता 5 फरवरी को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 699 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
रविवार को सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी। AAP, कांग्रेस और बीजेपी के स्टार प्रचारकों ने दिल्ली में रैलियां, रोड शो और जनसभाएं कीं। सोमवार को भी सभी पार्टियां जोरों-शोरों से प्रचार करेंगी।
AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली के लोग हमें बहुत प्यार दे रहे हैं। बीजेपी गुंडागर्दी पर उतर आई है, जिसका जवाब जनता मतदान में झाड़ू के बटन से देगी। चुनाव आयोग बीजेपी की हरकतों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा, यह दुखद है।”
बीजेपी ने सोमवार को दिल्ली में 22 रोड शो और रैलियां आयोजित की हैं, ताकि 25 साल बाद सत्ता में वापसी हो सके। वहीं, AAP लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के प्रति आश्वस्त है और अपने मुफ्त सुविधाओं वाले मॉडल पर भरोसा कर रही है।
कांग्रेस, जिसने 2013 तक 15 साल तक दिल्ली पर राज किया, दो चुनावों में हार के बाद अपनी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है। यह चुनाव AI-जनित स्पूफ वीडियो, तीखी बयानबाजी और हाई-वोल्टेज रोड शो के लिए भी चर्चा में रहा है।
चुनाव आयोग के आदर्श आचार संहिता के अनुसार, मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार बंद करना अनिवार्य है। इस दौरान टीवी, सिनेमा और प्रिंट मीडिया में प्रचार सामग्री प्रसारित करने पर भी रोक रहेगी।



