शिमला हिरासत में मौत का मामला: सीबीआई अदालत ने 8 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई.
शिमला: शिमला में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या के आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इनमें हिमाचल प्रदेश के पूर्व आईजीपी जहूर हैदर जैदी भी शामिल हैं।
जस्टिस अलका मलिक ने 18 जनवरी को इन सभी को दोषी करार दिया था। ये सभी पुलिस अधिकारी सूरज को हिरासत में लेने के दौरान कथित तौर पर उससे बुरी तरह मारपीट करते थे, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी।
यह मामला साल 2017 का है। उस समय कोटखाई में एक 16 साल की लड़की के साथ बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में सूरज को गिरफ्तार किया था और उससे पूछताछ के दौरान उसे बुरी तरह पीटा था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी।
इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि पुलिस अधिकारियों ने सूरज को जानबूझकर मारा था। सीबीआई ने अदालत में आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारियों ने सूरज से कबूलनामा लेने के लिए उसे यातना दी थी।
अदालत ने सीबीआई की दलीलों को स्वीकार करते हुए सभी आठों दोषियों को दोषी करार दिया है। इस फैसले से पूरे देश में सनसनी फैल गई है।


