न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और विनीत माथुर की खंडपीठ ने आसाराम की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आसाराम की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के समान है और सुप्रीम कोर्ट ने भी आसाराम को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी। इसलिए, उच्च न्यायालय ने भी आसाराम को अंतरिम जमानत देने का फैसला किया है।
आपको बता दें कि आसाराम को 2013 में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।



