पूर्वोत्तर भारत की ओर पलायन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों देशों में चल रही अस्थिरता से क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
कलिता ने कहा, “म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से स्थिति बहुत खराब हो गई है और बांग्लादेश में भी सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है। इन दोनों देशों में हिंसा से प्रभावित लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं और भारत के पूर्वोत्तर राज्य उनके लिए एक आकर्षक गंतव्य हो सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शरणार्थियों के आने से क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से इन चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से ही तैयार रहने को कहा।
कलिता ने कहा कि भारत को अपनी सीमाओं को और मजबूत करने और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सुधारने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करना चाहिए।


