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असम कैंसर केयर फाउंडेशन: रतन टाटा ने कैसे असम के लाखों लोगों के जीवन को छुआ .

गुवाहाटी: रतन टाटा ने असम कैंसर केयर फाउंडेशन के माध्यम से असम के गरीब लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस फाउंडेशन ने कैंसर का पता लगाने और इलाज की सुविधाएं लोगों के घरों तक पहुंचाई हैं।

कैसे हुई शुरुआत?

रतन टाटा ने असम में कैंसर के मरीजों की दुर्दशा देखकर इस फाउंडेशन की शुरुआत की। उन्होंने महसूस किया कि असम के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को कैंसर का इलाज करवाने के लिए बड़े शहरों जाना पड़ता है, जो उनके लिए बहुत मुश्किल होता है।

फाउंडेशन का काम:

  • मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग कैंप: फाउंडेशन ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग कैंप लगाए हैं, जिससे लोगों को अपने घरों के पास ही कैंसर का पता लगाने की सुविधा मिल रही है।
  • अस्पतालों का निर्माण: फाउंडेशन ने असम में कई कैंसर अस्पताल बनाए हैं, जहां मरीजों को बेहतर इलाज मिलता है।
  • दवाओं की उपलब्धता: फाउंडेशन ने कैंसर की दवाओं को सस्ते दाम पर उपलब्ध करवाया है, जिससे गरीब मरीज भी इलाज करवा सकते हैं।
  • जागरूकता अभियान: फाउंडेशन ने कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कई अभियान चलाए हैं।

रतन टाटा का योगदान:

रतन टाटा के नेतृत्व में असम कैंसर केयर फाउंडेशन ने असम के लोगों के जीवन में एक नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एक मिसाल पेश की है।

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