Jharkhand

वन नेशन-वन इलेक्शन पर झारखंड में गरमाई राजनीति, झामुमो ने किया विरोध, भाजपा ने स्वागत किया

**रांची**: केंद्रीय कैबिनेट द्वारा देश में ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ का प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद से राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां झामुमो इस प्रस्ताव का विरोध कर रही है, वहीं भाजपा ने इसका स्वागत किया है।

**झामुमो का विरोध**
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसे अधिनायकवाद की ओर बढ़ाया गया पहला कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने और संविधान को बदलने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ से देश में लोकतंत्र की जड़ों को नुकसान पहुंचेगा और साम्राज्यवाद को बढ़ावा मिलेगा।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने यह भी सवाल उठाया कि जिन राज्यों में विधानसभा का कार्यकाल 2026-27-28 में समाप्त होगा, क्या वहां भाजपा राष्ट्रपति शासन लगाकर अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता प्राप्त करना चाहती है? उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव लोकतंत्र और जनता के अधिकारों पर हमला है।

**भाजपा का स्वागत**
भाजपा ने केंद्रीय कैबिनेट के फैसले का स्वागत किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि पार्टी लंबे समय से ‘एक देश, एक चुनाव’ के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर चुनाव कराने से प्रशासनिक कार्यों में बाधा आती है और विकास कार्य प्रभावित होते हैं। एक साथ चुनाव कराने से प्रशासनिक दृष्टिकोण से काम आसान होगा और चुनावों पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये बचाए जा सकेंगे।

**राज्यों की मंजूरी आवश्यक**
सामाजिक कार्यकर्ता अमरनाथ झा ने कहा कि ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि चुनाव पर कम ध्यान दिया जाएगा और विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन और राज्यों की मंजूरी आवश्यक होगी।

गौरतलब है कि 1951 से 1967 तक देश में एक साथ चुनाव होते रहे थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button