श्मशान घाट के एक कर्मचारी ने बताया कि पोस्टमार्टम देर से खत्म होने की वजह से शव रात के करीब पहुंचा था।
कर्मचारी ने बताया कि श्मशान घाट पर पुलिस, काउंसलर और स्थानीय विधायक भी मौजूद थे। पुलिस के निर्देश पर पीड़िता का अंतिम संस्कार पहले किया गया, जबकि उससे पहले भी दो शव अंतिम संस्कार के लिए आए थे।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों के मन में संदेह पैदा किया है। पीड़िता के परिजनों ने भी इस मामले में कई सवाल उठाए हैं।


