कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की हत्या और यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया।
इस गिरफ्तारी में एक महत्वपूर्ण सबूत की भूमिका रही — एक ब्लूटूथ हेडफोन, जिसे आरोपी ने अपराध स्थल पर छोड़ दिया था।
यह घटना आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई, जहां दूसरी वर्ष की एक महिला पीजीटी डॉक्टर की अर्धनग्न अवस्था में लाश मिली। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई, और बताया गया कि महिला की आंखों और मुंह से खून बह रहा था। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने तुरंत अस्पताल में पहुंचकर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
जांच के दौरान पुलिस को एक ब्लूटूथ हेडफोन मिला। सीसीटीवी फुटेज में संजय रॉय को सेमिनार हॉल के पास संदेहास्पद स्थिति में घूमते हुए देखा गया था, और वह सुबह-सुबह अस्पताल से जाते हुए भी दिखा। इसके बाद पुलिस ने सभी संदिग्धों को अस्पताल बुलाया और उनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान, पुलिस ने सभी संदिग्धों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए।
पूछताछ के बाद, एक अधिकारी ने हेडफोन को सभी संदिग्धों के मोबाइल फोन से पेयर करने की कोशिश की। इस दौरान, संजय रॉय के फोन से हेडफोन अपने आप कनेक्ट हो गया, जिससे उसकी गिरफ्तारी हो गई। पुलिस की पूछताछ में संजय ने अंततः अपराध कबूल कर लिया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान संजय ने अलग-अलग बयान दिए।
इस घटना ने चिकित्सा समुदाय में भारी आक्रोश पैदा किया है, और राज्य के विभिन्न अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों ने धरना प्रदर्शन और जुलूस निकाले, दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि सरकार आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग करेगी और मामले की सुनवाई एक फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के निर्देश दिए हैं।


