वायनाड में भूस्खलन: एक जीवित बचे व्यक्ति की दर्दनाक कहानी.
वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन ने कई परिवारों को तबाह कर दिया।
इस त्रासदी से बच निकले लोगों के दिलों में आज भी दहशत का साया है। एक बचे हुए व्यक्ति ने अपनी दिल दहला देने वाली कहानी साझा की है।
उसने बताया कि 30 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे एक जोरदार आवाज ने उसकी नींद तोड़ दी। जब उसने बाहर देखा तो सामने वाले घर जैसे तिनके की तरह गिर रहे थे। वह भागने की कोशिश कर रहा था लेकिन तेजी से बढ़ती मिट्टी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।
किसी तरह वह मिट्टी से बाहर निकल पाया लेकिन उसके परिवार के सदस्य और पड़ोसी मलबे में दब गए। वह उन्हें बचाने के लिए संघर्ष करता रहा लेकिन सफल नहीं हो सका। यह नज़ारा उसके जीवन भर के लिए यादगार बन गया है।
इस त्रासदी ने न केवल लोगों के घर बल्कि उनके दिलों को भी तबाह कर दिया है। बच गए लोग अब जीवन की एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनके मन में डर का साया हमेशा बना रहेगा।


