अब इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए बैंक खाते को आधार से लिंक करना अनिवार्य नहीं होगा। यह कदम राज्य की लाखों महिलाओं के लिए राहत लेकर आया है, जो आधार लिंकिंग की प्रक्रिया में आ रही समस्याओं के कारण योजना का लाभ नहीं ले पा रही थीं।
पिछले महीने, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की थी कि जिन महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं, उन्हें 31 मार्च 2025 तक योजना का लाभ मिलता रहेगा। इस अवधि तक सभी लाभुकों को अपने बैंक खाते आधार से लिंक कराने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि, कई महिलाओं ने शिकायत की कि आधार लिंकिंग की प्रक्रिया में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड में महिलाएं ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगा रही थीं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस समस्या को देखते हुए, सरकार ने आधार लिंकिंग की अनिवार्यता को समाप्त करने का निर्णय लिया है, ताकि सभी पात्र महिलाएं बिना किसी बाधा के योजना का लाभ उठा सकें।
इस निर्णय से राज्य की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब बिना आधार लिंकिंग के भी मंईयां सम्मान योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगी। यह कदम सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
लाभुक महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने निकटतम बैंक शाखा या जन सेवा केंद्र पर जाकर अपने बैंक खाते की स्थिति की जांच करें और सुनिश्चित करें कि उनकी जानकारी अद्यतित है, ताकि उन्हें योजना का लाभ प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।
सरकार का यह निर्णय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता करेगा।



