अमेरिकी कानून से खुश हुआ भारतीय क्रिप्टो उद्योग, इसे वेब3 के लिए बड़ी जीत बताया.
अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स द्वारा FIT21 बिल को मंजूरी दिए जाने के बाद भारतीय क्रिप्टो जगत में खुशी की लहर है. भारतीय क्रिप्टो विशेषज्ञ इसे वैश्विक क्रिप्टो क्षेत्र के लिए एक ‘ऐतिहासिक’ और ‘निर्णायक’ घटना बता रहे हैं.
FIT21 बिल का उद्देश्य क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक अधिक अनुकूल कर वातावरण बनाना है, उन्हें प्रतिभूतियों के बजाय komoditi के रूप में वर्गीकृत करना है. माना जा रहा है कि इससे न केवल अमेरिका में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश बढ़ेगा.
भारतीय क्रिप्टो विशेषज्ञों का कहना है कि FIT21 बिल क्रिप्टो उद्योग को बहुत जरूरी स्पष्ट विनियमन प्रदान करेगा, जिससे नवाचार और विकास को बढ़ावा मिलेगा.
अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो बाजार है और वहां के नियमों का वैश्विक क्रिप्टो उद्योग पर काफी प्रभाव पड़ता है. इसलिए, अमेरिका द्वारा क्रिप्टो को एक komoditi के रूप में मान्यता देना एक सकारात्मक संकेत है.
कुल मिलाकर, FIT21 बिल को मंजूरी देना भारतीय क्रिप्टो उद्योग के लिए एक सकारात्मक घटना है. यह उम्मीद की जाती है कि इससे भारत में क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने में तेजी आएगी.



