nमंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने गुरुवार को इस नियुक्ति को मंजूरी दी।
तुहिन कांता पांडे तीन साल के लिए SEBI के चेयरमैन का पद संभालेंगे।
वह माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 1 मार्च को समाप्त हो रहा है।
पांडे वर्तमान में वित्त सचिव और राजस्व विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
सरकार के आदेश के अनुसार, वह आगे के निर्देशों तक इस पद पर बने रह सकते हैं।
SEBI प्रमुख पद के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 17 फरवरी 2025 थी।
सरकार ने जनवरी में इस पद के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे थे।
वित्त मंत्रालय ने अखबारों में विज्ञापन देकर आवेदन आमंत्रित किए थे।
SEBI प्रमुख को भारत सरकार के सचिव के समान वेतन मिलेगा।
वेतन विकल्प के तहत ₹5,62,500 प्रति माह का समेकित वेतन भी चुन सकते हैं।
इस वेतन में आवास और वाहन सुविधा शामिल नहीं होगी।
SEBI का मुख्य कार्य पूंजी बाजार को विनियमित करना और निवेशकों के हितों की रक्षा करना है।
नए चेयरमैन की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बाजार में कई नई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
तुहिन कांता पांडे को विनिवेश मामलों में गहरी विशेषज्ञता हासिल है।
उन्होंने कई महत्वपूर्ण आर्थिक नीतियों को लागू करने में योगदान दिया है।
SEBI के नए प्रमुख के सामने बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
हाल के वर्षों में SEBI ने बाजार में सख्त निगरानी बनाए रखी है।
निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए नए सुधारों की उम्मीद की जा रही है।
सरकार पूंजी बाजार को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पांडे की नियुक्ति से निवेशकों को स्थिरता और प्रभावी नियमन की उम्मीद है।
SEBI का नेतृत्व संभालने के बाद उनकी प्राथमिकताएं जल्द ही स्पष्ट होंगी।



