‘पूजा रे… पूजा रे… हमको गोली मार दिया’, अररिया में पत्रकार को घर में ही उतार दिया मौत के घाट
जिले के रानीगंज में शुक्रवार की सुबह बेखौफ अपराधियों ने सनसनीखेज कांड को अंजाम दिया। अपराधियों ने रानीगंज के एक दैनिक अखबार के रिपोर्टर विमल कुमार यादव की गोली मार कर हत्या कर दी। अपराधियों ने पहले सुबह-सुबह उनके घर का दरवाजा खटखटाया और आवाज देकर बाहर बुलाया। जैसे ही ही विमल घर का दरवाजा खोल कर बाहर निकले, बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। घटना रानीगंज थाना क्षेत्र बेलसरा के हीरो शोरूम के पीछे की है। इससे दो साल पहले इनके सरपंच भाई की भी इसी तरह बदमाशों ने हत्या कर दी थी। उनके मर्डर केस में विमल मुख्य गवाह थे। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मुख्य गवाह होने के कारण बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। विमल को बदमाशों ने कई बार गवाही देने से रोकने की कोशिश की थी।
पत्रकार की गोली मार कर हत्या
अपराधियों की धमकी से भी विमल नहीं डरे और कोर्ट में चल रहे ट्रायल के दौरान इन्होने अपने भाई के हत्यारे के खिलाफ गवाही दी थी। उधर हत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल लाया गया। विमल कुमार यादव अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी और पत्नी को छोड़ गए हैं। घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। घटना के संदर्भ में मृतक की पत्नी पूजा देवी ने बताया कि ‘सुबह में घर का दरवाजा पीटकर मेरे पति का नाम लेकर कुछ लोग शोर मचा रहे थे। हम दोनों ही उठे और घर का दरवाजा खोलने निकले। मैं घर का ग्रिल खोला और मेरे पति विमल मेन गेट खोलने निकल गए। इसके बाद गोली चलने की आवाज आई। फिर मेरे पति की आवाज आई कि पूजा रे… पूजा रे… हमको गोली मार दिया। जब मैं वहां पहुंची तो देखा कि वो गिरे पड़े हैं और सीने से खून निकल रहा है।’
भाई के हत्यारों पर वारदात का शक
इसके बाद पूजा ने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा किया। फिर रानीगंज थाने को भी खबर की गई। खबर मिलते ही रानीगंज थानेदार कौशल कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को लेकर पहले रानीगंज रेफरल अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने विमल को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद भारी भीड़ को देखते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया गया।
गवाही देने से रोकने की हुई थी कोशिश
घटना को लेकर उसकी पत्नी पूजा देवी ने बताया कि दो साल पहले उनके देवर गब्बू यादव की भी बदमाशों ने इसी तरह हत्या कर दी थी। इसी मामले में उनके पति विमल कुमार यादव मुख्य गवाह थे। केस ट्रायल पर कोर्ट में चल रहा था। इसके लिए अपराधी लगातार उन पर गवाही न देने का दबाव बना रहे थे। इधर घटना के बाद भारी संख्या में जिले के पत्रकार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और तीखा आक्रोश जताया। जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, सचिव अमित कुमार अमन, राकेश कुमार, मिंटू सिंह, फुलेंद्र मल्लिक, आमोद शर्मा, रवि भगत सहित दर्जनों की संख्या में पहुंचे पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। पत्रकार संघ ने असुरक्षा को लेकर आंदोलन करने की भी बात कही।




