विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच आज एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, हितों की समानता और मजबूत जनसांस्कृतिक संबंधों पर आधारित है। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें रक्षा साझेदारी, प्रौद्योगिकी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई।
MQ-9B प्रीडेटर ड्रोन डील के तहत अमेरिका भारत को 31 जनरल एटॉमिक्स MQ-9B (16 स्काई गार्जियन और 15 सी गार्जियन) ड्रोन की आपूर्ति करेगा, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएंगे। इन ड्रोन्स में उच्च स्तर की खुफिया और निगरानी क्षमताएं होंगी। यह ड्रोन अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ सकता है और लंबी दूरी तक बिना ईंधन के उड़ान भर सकता है।
सेमीकंडक्टर प्लांट की स्थापना कोलकाता में की जाएगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, उन्नत संचार और हरित ऊर्जा अनुप्रयोगों पर केंद्रित होगा। यह परियोजना भारत सेमीकंडक्टर मिशन और भारत-अमेरिका की रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी के तहत की जा रही है।
बाइडेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का भी समर्थन किया और वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और हरित ऊर्जा परियोजनाओं में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।


