जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस पंकज मित्तल की पीठ ने सीबीआई की याचिका पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल की पूरी न्यायपालिका पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीबीआई ने अपनी याचिका में दावा किया था कि पश्चिम बंगाल की अदालतों में “शत्रुतापूर्ण माहौल” है, जिसके कारण उन्हें निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं है। इस दलील पर जजों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। जस्टिस ओका ने कहा, “आप पूरे राज्य की अदालतों पर इस तरह का आरोप नहीं लगा सकते। आपके कुछ अधिकारियों को शायद किसी खास राज्य के बारे में अच्छा नजरिया न हो, लेकिन आप न्यायपालिका पर इस तरह का आक्षेप नहीं लगा सकते।”
न्यायमूर्ति मित्तल ने आगे कहा कि सीबीआई की याचिका की भाषा अवमानना का नोटिस देने के लिए पर्याप्त हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मामलों को पश्चिम बंगाल से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाता है, तो यह माना जाएगा कि राज्य की अदालतें निष्पक्ष सुनवाई नहीं कर सकतीं।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में हिंसा हुई थी। सीबीआई इन मामलों की जांच कर रही है। हालांकि, अब सीबीआई को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अपनी याचिका में किए गए दावों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।



