जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई जब बाघिन रानी ने पांच शावकों को जन्म दिया, जिनमें एक दुर्लभ सफेद शावक भी शामिल है।
यह न केवल उद्यान के लिए बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।[
शावकों और उनकी मां के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन रानी और उसके नवजात शावकों को विशेष निगरानी में रखा गया है। गर्मी के मौसम को देखते हुए उनके लिए बेहतर शीतलन व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। मादा बाघिन रानी स्वस्थ है और अपने बच्चों की अच्छी देखभाल कर रही है। सफेद शावक का जन्म विशेष रूप से उत्साहजनक है क्योंकि यह प्रजाति जंगली बाघों में बहुत कम देखने को मिलती है।
इस खुशखबरी से नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जो इन नन्हे मेहमानों को देखने के लिए उत्सुक होंगे। उद्यान प्रशासन ने आगंतुकों से अपील की है कि वे शावकों और उनकी मां की निजता का सम्मान करें और किसी भी प्रकार से उन्हें परेशान न करें। यह सफलता देश में बाघों की आबादी को बढ़ाने के प्रयासों में एक सकारात्मक संकेत है और वन्यजीव संरक्षण के महत्व को दर्शाती है।



