रांची में नियुक्ति घोटाले की जांच के दौरान अपराध अनुसंधान विभाग यानी सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के सिलसिले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें धर्मेंद्र कुमार नामक व्यक्ति भी शामिल है। सीआईडी ने धर्मेंद्र कुमार के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। उसके कंप्यूटर को भी अपने कब्जे में लिया गया है। जब्त उपकरणों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा है। मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सीआईडी पूरे प्रकरण की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। कार्रवाई के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार धर्मेंद्र कुमार को कचहरी के निकट स्थित अतिसंवेदनशील इलाके से पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि वह एक अधिकारी के आवासीय कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्य करता था। जांच एजेंसी को उसके नियुक्ति घोटाले से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सीआईडी ने उसे हिरासत में लिया। उसके मोबाइल फोन और कंप्यूटर की जांच की जा रही है। अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। जांच टीम सभी दस्तावेजों का मिलान कर रही है। संबंधित लोगों से पूछताछ भी जारी है। प्रत्येक तथ्य की बारीकी से जांच की जा रही है। मामले में तकनीकी विश्लेषण भी किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार सीआईडी ने जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से भी दो लोगों को पकड़ा है। इसके अलावा चार अन्य लोगों को अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिया गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। सीआईडी ने मामले में जांच तेज कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।



