झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। वह एक नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित रैली में शामिल होंगे। यह रैली कांग्रेस की ओर से आयोजित की जा रही है। झामुमो के सभी सांसद भी इसमें भाग लेंगे। पार्टी के बड़े नेताओं को भी शामिल होने का निर्देश दिया गया है। सांसदों के लिए औपचारिक निर्देश जारी किए गए हैं। दिल्ली में विपक्षी नेताओं का जुटान शुरू हो चुका है। कई राज्यों से कार्यकर्ता भी पहुंच रहे हैं। रैली को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। कार्यक्रम राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा। इसमें कई विपक्षी दलों की भागीदारी तय मानी जा रही है। झामुमो ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। पार्टी नेतृत्व ने उपस्थिति पर जोर दिया है। हेमंत सोरेन की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रैली से पहले बैठकें भी हो रही हैं।
कांग्रेस ने वोट बचाओ-देश बचाओ का नारा दिया है। वोट चोर-गद्दी छोड़ का नारा भी दिया गया है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस मुद्दे पर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है। राहुल गांधी ने सभी दलों से रैली में आने की अपील की है। उन्होंने इसे साझा लोकतांत्रिक मुद्दा बताया है। कांग्रेस ने रैली को किसी एक दल तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी सभी विपक्षी दलों की भागीदारी चाहती है। नेताओं की मौजूदगी से सरकार पर दबाव बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। विपक्ष एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप लगा रहा है। इसी आधार पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। केंद्र सरकार तक संदेश पहुंचाने की बात कही गई है। रैली और मार्च दोनों का आयोजन होगा। एक नवंबर का कार्यक्रम राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस रैली पर रहेगी।



