धनबाद के बैंक मोड़ थाना क्षेत्र में करीब 2.64 करोड़ रुपये के कोयला गबन और धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मटकुरिया, कतरास रोड निवासी अजीत कुमार उर्फ अजीत कुमार पटेल के रूप में हुई है। शनिवार को बैंक मोड़ पुलिस ने उसे धनबाद कोर्ट में पेश किया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस मामले में बासुदेवा फ्यूल्स एंड लाइम कंपनी के प्रतिनिधि अब्दुल वाहिद अंसारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत पर 12 जुलाई 2025 को बैंक मोड़ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में ठगी, धोखाधड़ी और रकम गबन करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की जांच लंबे समय से चल रही थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
शिकायत के अनुसार अजीत कुमार अक्टूबर 2022 में कंपनी के रतनजी रोड स्थित कार्यालय पहुंचा था। उसने कंपनी के साझेदार प्रकाश अग्रवाल और अनिल अग्रवाल से मुलाकात की थी। कारोबारी ने खुद को कोयला व्यवसायी बताते हुए विभिन्न कंपनियों को कोयला सप्लाई करने की बात कही थी। उसने कंपनी से एक महीने की उधारी पर कोयला देने का आग्रह किया था। कंपनी ने उसके आग्रह पर भरोसा किया और अलग-अलग तारीखों में कोयला उपलब्ध कराया। आरोप के अनुसार कंपनी ने कुल 2 करोड़ 64 लाख 49 हजार 964 रुपये का कोयला दिया। तय समय पर भुगतान करने का भरोसा दिया गया था। लेकिन समय बीतने के बाद कंपनी को रकम का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कंपनी की ओर से मामले को लेकर पुलिस में शिकायत की गई। प्राथमिकी में कारोबारी पर कोयले की रकम गबन करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस जांच में आरोप है कि कोयला कुछ ऐसी कंपनियों के नाम पर उठाया गया, जिनका अस्तित्व नहीं था। प्राथमिकी में फर्जी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी की तलाश जारी रखी। मामले के अनुसंधानकर्ता श्रीनिवास राव ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 11 अगस्त 2026 को अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया। वारंट मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया। इसके बाद अजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शनिवार को उसे धनबाद न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है।



