झारखंड हाईकोर्ट में गुमला से वर्ष 2018 में लापता हुई छह वर्षीय बच्ची के मामले में सुनवाई हुई। बच्ची सितंबर 2018 से लापता है। उसकी बरामदगी की मांग को लेकर उसकी मां ने हाईकोर्ट में हेवियस कॉर्पस याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को जांच की प्रगति की जानकारी दी। सरकार की ओर से बताया गया कि लापरवाह अधिकारियों को चिह्नित करने के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की अध्यक्षता आईजी प्रोविजन मयूर पटेल कर रहे हैं। कमेटी का उद्देश्य मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना है। सरकार ने बताया कि कमेटी इस दिशा में काम कर रही है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए गृह विभाग से अतिरिक्त समय मांगा है। इसके लिए 15 दिनों का समय देने का अनुरोध किया गया है।
सुनवाई के दौरान सरकार ने मामले की जांच से जुड़ी अन्य जानकारी भी कोर्ट के सामने रखी। बताया गया कि मामले के मुख्य आरोपी का गुजरात के गांधीनगर में दो पूरक टेस्ट कराया गया था। इन दोनों टेस्ट की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद जांच में आगे की कार्रवाई में मदद मिलने की उम्मीद है। इधर मुख्य आरोपी का रिम्स में साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन टेस्ट कराने की तैयारी भी की जा रही है। इस टेस्ट के लिए गुमला के सक्षम न्यायालय से अनुमति प्राप्त कर ली गई है। अब रिम्स से टेस्ट की तारीख मिलने का इंतजार किया जा रहा है। तारीख मिलने के बाद मुख्य आरोपी का मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराया जाएगा। जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। बच्ची की बरामदगी को लेकर भी जांच जारी है।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से अनुसंधान की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। अदालत ने मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया है। सरकार को अगली सुनवाई में जांच की प्रगति से अवगत कराना होगा। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की गई है। तब तक एक सदस्यीय कमेटी से भी अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की उम्मीद है। कोर्ट मुख्य आरोपी से जुड़े टेस्ट की रिपोर्ट पर भी नजर रखेगा। रिम्स में होने वाले साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन की प्रगति भी महत्वपूर्ण होगी। वर्षों से लापता बच्ची की बरामदगी का मामला अब भी हाईकोर्ट की निगरानी में है। परिवार को बच्ची के मिलने का इंतजार है। मामले में आगे की दिशा अगली सुनवाई में सामने आने की संभावना है।



