रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वर्ष 2014 के बाद हुई नियुक्तियों में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने जांच से संबंधित आदेश जारी किया है। विभाग की ओर से जारी सूची में कुल 17 नियुक्तियों को जांच के दायरे में रखा गया है। हालांकि इस सूची में खान विभाग में हुई कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां शामिल नहीं हैं। खान विभाग में वर्ष 2016 और 2023 में अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां हुई थीं। इन नियुक्तियों में खान निरीक्षक, सहायक खनन पदाधिकारी और जिला खनन पदाधिकारी के पद शामिल हैं। इन तीनों पदों पर कुल 46 लोगों की नियुक्ति हुई है। इसके बावजूद कार्मिक विभाग की जांच सूची में इन नियुक्तियों का उल्लेख नहीं किया गया है। इससे जांच के दायरे को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खास तौर पर खान विभाग में हुई इन नियुक्तियों को जांच से बाहर रखने पर चर्चा शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार विज्ञापन संख्या 4/23 के माध्यम से खान निरीक्षक के कुल 34 पदों पर नियुक्ति की गई थी। इनमें दो पद बैकलॉग के थे। इसी तरह विज्ञापन संख्या 7/2016 के तहत सहायक खनन पदाधिकारी के सात पदों पर नियुक्ति हुई थी। वहीं विज्ञापन संख्या 8/2016 के माध्यम से जिला खनन पदाधिकारी के पांच पदों पर नियुक्ति की गई थी। इस तरह तीनों नियुक्ति प्रक्रियाओं के तहत कुल 46 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। इन सभी नियुक्तियों में चयन प्रक्रिया संबंधित विज्ञापनों के आधार पर पूरी की गई थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद विभिन्न विभागों में हुई नियुक्तियों की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। कार्मिक विभाग ने जिन 17 नियुक्तियों को जांच के लिए चिह्नित किया है, उनमें खान विभाग की ये नियुक्तियां शामिल नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जांच के लिए विभागों और नियुक्तियों का चयन किस आधार पर किया गया है। खान विभाग की नियुक्तियों को जांच सूची में शामिल नहीं किए जाने का कोई स्पष्ट कारण आदेश में सामने नहीं आया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा का उद्देश्य वर्ष 2014 के बाद हुई नियुक्तियों में संभावित अनियमितताओं की जांच करना है। ऐसे में जांच की सूची में सभी संबंधित नियुक्तियों को शामिल किए जाने की मांग उठ सकती है। खान विभाग में जिन तीन पदों पर नियुक्तियां हुई हैं, वे विभाग के महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक पद हैं। खान निरीक्षक के 34 पदों पर नियुक्ति सबसे अधिक संख्या में हुई है। सहायक खनन पदाधिकारी के सात और जिला खनन पदाधिकारी के पांच पदों पर नियुक्ति हुई थी। इन तीनों प्रक्रियाओं में कुल 46 नियुक्तियां हुई हैं। फिलहाल कार्मिक विभाग के आदेश में इन नियुक्तियों की जांच का कोई उल्लेख नहीं है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार आगे इन नियुक्तियों को जांच के दायरे में शामिल करती है या नहीं। वहीं विभागीय स्तर पर भी इस मामले में स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जारी जांच सूची में खान विभाग की नियुक्तियों का शामिल नहीं होना प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है।



