धनबाद रेलवे स्टेशन पर गश्ती के दौरान RPF, CIB और GRP की संयुक्त टीम ने गांजा तस्करी के बड़े मामले का खुलासा किया है। संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 के हावड़ा छोर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील चौधरी और उमेश कुमार राय के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान दोनों के पास से 41 पैकेट गांजा बरामद किया गया। गांजा तीन ट्रॉली बैग और तीन पीठ्ठू बैग में छिपाकर रखा गया था। कार्रवाई के दौरान आरोपियों का एक साथी भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। फरार आरोपी की पहचान अनिल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में गांजा तस्करी से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथी अनिल सिंह के साथ भुवनेश्वर से राजधानी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। तीनों ट्रेन से बोकारो पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें धनबाद से गंगा-दामोदर एक्सप्रेस पकड़नी थी। ट्रेन से उन्हें पटना और फिर आरा जाना था। तेज बारिश के कारण उनकी ट्रेन छूट गई। इसके बाद दोनों आरोपी सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान RPF, CIB और GRP की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरा में गांजे की खेप अनिल सिंह के भेजे लोगों को सौंपनी थी। इस काम के लिए दोनों गिरफ्तार आरोपियों को छह-छह हजार रुपये मिलने थे। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर तस्करी के तरीके की भी जानकारी जुटाई है।
जांच में सामने आया कि तस्कर यात्रियों को चकमा देने के लिए प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों का इस्तेमाल करते थे। वे AC कोच में कंफर्म टिकट लेकर आम यात्रियों की तरह सफर करते थे। इस तरीके से वे पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करते थे। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। एसआई प्रवीण कुमार की शिकायत पर धनबाद GRP थाने में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जिम्मेवारी एसआई कैलाश महतो को दी गई है। पुलिस फरार आरोपी अनिल सिंह की तलाश कर रही है। इसके साथ ही गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। बरामद गांजे और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।



