रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब लगातार आगे बढ़ रही है। CID की जांच का दायरा गिरफ्तार आरोपियों से आगे बढ़कर कथित प्रभावशाली संपर्कों तक पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान TDPL से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण इनपुट सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि TDPL ने झारखंड के एक रसूखदार व्यक्ति को कथित तौर पर अपना पार्टनर बनाया था। जांच एजेंसी अब इस दावे की अलग-अलग स्तर पर पुष्टि करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, इसी व्यक्ति के स्तर से नीचे के लोगों को कथित तौर पर निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। CID इस संबंध में दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में डिजिटल साक्ष्य को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी फोन संपर्क और आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारियों का मिलान कर रही है। इसका उद्देश्य पूरे मामले में संपर्कों की वास्तविक भूमिका को समझना है।
इसी क्रम में CID ने JPSC की तीन सदस्यों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। इनमें डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनीमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद शामिल हैं। तीनों सदस्यों से सोमवार से अलग-अलग पूछताछ किए जाने की तैयारी है। CID परीक्षा प्रक्रिया में उनकी भूमिका को लेकर जानकारी हासिल करेगी। इसके साथ ही निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। परीक्षा एजेंसी से उनके संपर्कों की भी जानकारी ली जा सकती है। एजेंसी यह समझना चाहती है कि परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले किस स्तर पर लिए गए थे। पूछताछ के दौरान परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों और निर्णयों का भी मिलान किया जा सकता है। इससे जांच एजेंसी को कथित अनियमितताओं की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।
मामले में TDPL के निदेशक से CID पहले ही पूछताछ कर चुकी है। JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते से भी जांच एजेंसी पूछताछ कर चुकी है। अब आयोग के तीन सदस्यों से होने वाली पूछताछ को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। CID यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित गड़बड़ी की शुरुआत किस स्तर से हुई। एजेंसी यह भी जांच रही है कि पूरी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही। जांच में कथित संपर्कों और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। डिजिटल और फोन रिकॉर्ड के आधार पर संपर्कों की पुष्टि करने की कोशिश हो रही है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाया जा रहा है। CID का फोकस अब कथित नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाने पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में कई और तथ्य सामने आने की संभावना है।



