रांची से जुड़े महत्वपूर्ण कर विवाद में नया मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट ने टाटा स्टील को अंतरिम राहत दी है। अदालत ने 890 करोड़ रुपये की वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी। यह आदेश न्यायाधीश पीएम नरसिम्हा और न्यायाधीश आलोक अराधे की पीठ ने दिया। मामला केंद्रीय जीएसटी विभाग की कार्रवाई से जुड़ा है। सीजीएसटी की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने वसूली का आदेश दिया था। इसके बाद कंपनी ने कानूनी चुनौती दी। मामला पहले हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई। अब सर्वोच्च अदालत ने अंतरिम रोक लगा दी है।
टाटा स्टील ने अपनी याचिका में कई कानूनी बिंदु उठाए। कंपनी ने कहा कि मामला सीजीएसटी की धारा 74 के दायरे में नहीं आता। क्षेत्राधिकार पर भी सवाल उठाए गए। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन की बात भी कही गई। कंपनी का कहना था कि आवश्यक शर्तें पूरी नहीं हुई थीं। इसलिए कार्रवाई उचित नहीं है। दूसरी ओर राजस्व विभाग ने इन दलीलों का विरोध किया। विभाग ने कार्रवाई को पूरी तरह वैध बताया। विभाग के अनुसार कानून के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई गई। दोनों पक्षों की दलीलें अदालत में रखी गईं।
मामला वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2020-21 के ऑडिट से जुड़ा है। ऑडिट के दौरान आईटीसी से संबंधित विसंगतियां सामने आई थीं। इसके बाद विभाग ने डिमांड नोटिस जारी किया। संयुक्त आयुक्त ने जांच के बाद वसूली का आदेश दिया। आदेश में 890 करोड़ रुपये की वसूली शामिल थी। साथ ही दंड लगाने का भी निर्देश दिया गया। 26 दिसंबर 2025 को यह आदेश पारित किया गया था। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद कंपनी सुप्रीम कोर्ट पहुंची। अब मामले की आगे सुनवाई सर्वोच्च अदालत में होगी।



