चक्रधरपुर (झारखंड): दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में स्थित टाटानगर रेलवे स्टेशन को अब एयरपोर्ट की तर्ज पर अत्याधुनिक और सुरक्षित बनाया जाएगा। इस योजना के तहत रेलवे परिसर के आसपास की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई जाएगी। इसका सीधा असर स्टेशन के पास स्थित लगभग डेढ़ सौ दुकानों पर पड़ने वाला है, जिन्हें हटाने की तैयारी तेज कर दी गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यात्री सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और रेलवे परिसरों के सौंदर्यीकरण के मद्देनजर उठाया जा रहा है। योजना के तहत स्टेशन के चारों ओर फेंसिंग, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश-निकास नियंत्रण और अनाधिकृत गतिविधियों पर सख्ती की जाएगी।
रेलवे की इस कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों में भारी बेचैनी है। कई दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से वहां कारोबार कर रहे हैं और यही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें हटाना उनके लिए आर्थिक संकट पैदा कर देगा।
दूसरी ओर, रेलवे प्रशासन का कहना है कि कई बार चेतावनी और नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अब टाटानगर स्टेशन को आधुनिक रूप देने के लिए यह कड़ा कदम उठाना जरूरी हो गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन की मदद ली जाएगी और आवश्यकतानुसार सुरक्षा बलों की तैनाती भी की जा सकती है। इसके साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करने के संकेत भी दिए गए हैं, हालांकि अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
यह ऐक्शन झारखंड में रेलवे संरचनाओं के पुनर्विकास की बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा मुहैया कराना प्राथमिकता है। अब देखना यह होगा कि रेलवे और दुकानदारों के बीच कोई समाधान निकलता है या यह विवाद और गहराता है।



