JPC या कांग्रेस का प्रेशर कुकर, समझिए क्यों शरद पवार ने राहुल गांधी को कर दिया एक्सपोज
जेपीसी अभी हॉट की वर्ड है। राहुल गांधी ने इसे मानो देश की सबसे ताकतवर जांच एजेंसी मान लिया हो। वही जेपीसी जो राहुल की पार्टी की सरकार में बार-बार बनी और कई बार तब विपक्ष में रही बेजीपे ने इसे आंख में धूल झोंकने जैसा बताया। कांग्रेसी सरकारों ने जेपीसी को प्रेशर कुकर बनाकर रख दिया। जब भी भ्रष्टाचार या बड़े मुद्दे पर फंसो उसका दबाव जेपीसी की सीटी बजाकर खत्म कर दो। उसी जेपीसी पर राहुल की पार्टी अड़ गई है। इसी जेपीसी पर शरद पवार अभी चर्चा में हैं। उन्होंने राहुल गांधी के मोदी-अडानी अभियान को पंक्चर कर दिया है। पवार ने टाटा-बिरला का नाम लिया। देश के लिए उनके योगदान को याद किया। ये नादानी भी बताई कि कैसे पहले सरकार का विरोध करने के लिए टाटा-बिरला का इस्तेमाल होता था। राहुल की अगुआई में कांग्रेस सड़क के बदले संसद में आंदोलनरत नजर आई। बजट सत्र का दूसरा हिस्सा चलने ही नहीं दिया। काले लिबास में कांग्रेसी अपने नेता राहुल की डिमांड दोहराते नजर आए। हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अडानी पर जेपीसी की जांच हो। जेपीसी मतलब जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी।




