धोखेबाज पेशेवर दिखने वाली लेकिन नकली वेबसाइटें, सोशल मीडिया प्रोफाइल और व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करते हैं, जिसके जाल में भोले-भाले लोग आसानी से फंस जाते हैं।
सरकार ने बताया है कि इन नकली वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्रोफाइल पर आवास, परिवहन और दर्शन के लिए आकर्षक ऑफर दिए जाते हैं। जब कोई व्यक्ति इन ऑफर्स पर विश्वास करके ऑनलाइन भुगतान करता है, तो वह धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है। इसके अलावा, धोखेबाज व्हाट्सएप के माध्यम से भी लोगों से संपर्क करते हैं और उन्हें विभिन्न प्रकार के फर्जी स्कीमों का लालच देकर पैसे ठग लेते हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान वेबसाइट या व्यक्ति के झांसे में न आएं और ऑनलाइन भुगतान करने से पहले पूरी तरह से जांच पड़ताल कर लें।
सरकार ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइटों और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी और सेवाएं प्राप्त करें। किसी भी प्रकार के संदिग्ध लिंक या ऑफर पर क्लिक न करें और अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि उन्हें किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का संदेह होता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर अपराध हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें। सरकार इन ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों पर कड़ी नजर रख रही है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।



